गज केसरी योग
कुंडली में मौजूद बृहस्पति और चंद्रमा के मजबूत होने से गज केसरी योग बनता है.
कुंडली में अगर चंद्रमा और बृहस्पति दृष्टि संबंध करके केंद्र में बैठे हों तब यह शक्तिशाली योग बनता है.
लेकिन चंद्रमा या बृहस्पति दोनों में से किसी एक के भी कमजोर या अशुभ कारक होने पर गजकेसरी योग का फल प्राप्त नहीं होता.
1. जिस व्यक्ति की कुंडली में गजकेसरी योग होता है, वह बलवान, बुद्धिमान, दूरदर्शी सोच, अदम्य साहस और अपने क्षेत्र में झंडे गाड़ने वाला होता है.
2. उच्च पदों पर नियुक्त होते हैं.
वाद-विवाद और भाषण कला में निपुण होते हैं.
3. बृहस्पति को धन का कारक माना जाता है.
इस शुभ योग की वजह से व्यक्ति अपनी हर महत्वकांक्षा पूरा करता है.
4. जिस भाव में गुरु और चंद्र बैठकर गजकेसरी योग बनाते हैं, उस भाव से संबंधित शुभ फलों की प्राप्ति होती है.
5. गजकेसरी योग जब चतुर्थ और दशम भाव में बनता है तो व्यक्ति अपने व्यवसाय और करियर में ऊंचे मुकाम हासिल करता है.
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